भारी बारिश की वजह से प्रदेश में नदी गधेरे उफान पर हैं।
चारों तरफ बारिश से होने वाली तबाही और जलभराव की तस्वीरे सामने आ रही है।
भारी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है और नदी नालों के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दे रहा है।
नदी नालों के किनारे पुलिस अनाउंसमेंट के जरिए लोगों को सतर्क करती नजर आ रही है।
लेकिन इन सब के बीच कुछ तस्वीरें हैरत में डालने वाली है।
नदी नालों की मॉनीटरिंग कर रहे प्रशासनिक अमले की नाक के नीचे यमुना नदी में खनन माफिया बेखौफ पोकलैंड और जेसीबी मशीनों से दिन – रात अवैध खनन करते नजर आ रहे हैं।
नदियों का जल स्तर बढ़ा हुआ है ऐसे में ये तस्वीरे प्रशासनिक अमले को कटघरे में खड़ा कर रही है।
तस्वीरे ढलीपुर में मौजूद यमुना नदी की है… बरसात के महीने में जब खनन पूरी तरीके से प्रतिबंधित रहता है उस दौरान इतने बड़े पैमाने पर अवैध खनन प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है।
लगातार हो रही बारिश की वजह से नदियों का जलस्तर बढ़ता -घटता रहता है…. नदियों में ऐसी प्रक्रिया गैर कानूनी होने के साथ-साथ जानलेवा भी हो सकती है।
अब सवाल ये उठता है की नदी नालों के किनारे अलर्ट रहने का अनाउंसमेंट देने वाली पुलिस और प्रशासन की टीम को नदी के बीचो-बीच इतने बड़े पैमाने पर ये गैर कानूनी अवैध खनन क्यों नहीं दिखाई दे रहा…?

