विकास नगर के कुंजा गांव में नलकूप संख्या 114 डीडी की जर्जर गुल (नहर) और रिसती पाइपलाइन ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जगह-जगह टूटी पाइपलाइन और पिछले 10 साल से चोक पड़ी गुल के कारण खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा, जिससे करीब 7-8 किसानों की 40 बीघा फसलें बर्बादी की कगार पर हैं।
साथ ही, क्षतिग्रस्त गुल और पाइप से निकलने वाला पानी एक ग्रामीण के घर की दीवार के पास जाकर इकट्ठा हो रहा है, जिससे ग्रामीण को अपने घर के गिरने का डर सता रहा है।
स्थानीय किसान रोशन दीन ने बताया, “ट्यूबवेल से पानी तो निकलता है, लेकिन टूटी गुल और रिसती पाइपलाइन की वजह से खेतों तक नहीं पहुंच पाता। हम नलकूप विभाग को नियमित रूप से सिंचाई का लगान देते हैं, फिर भी हमारी फसलें सूख रही हैं।”
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर नलकूप विभाग से बार-बार शिकायत की, लेकिन एक दशक बीत जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। केंद्र सरकार की पीएम कृषि सिंचाई योजना और 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के वादे इस गांव में खोखले साबित हो रहे हैं
जर्जर पाइपलाइन और बंद गुल ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। नाराज किसान अब नलकूप विभाग की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए।
सवाल: आखिर कब तक कुंजा के किसानों को इस बदहाली का सामना करना पड़ेगा? क्या नलकूप विभाग अब जागेगा और इस दिशा में ठोस कदम उठाएगा?

