जौनसार बावर में इन दिनों जागड़ा पर्व का जोश और उत्साह चरम पर है। सिद्ध पीठ महासू मंदिर हनोल सहित दौहा, दसऊ, बिसोई, लखवाड़, थैना, और लखस्यार जैसे प्रमुख महासू मंदिरों में जागड़ा पर्व पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है।
मंदिरों को फूलों और रंग-बिरंगी सजावट से मनमोहक रूप दिया गया है। हजारों की तादाद में श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं। इस विशेष अवसर पर देव पालकी को मंदिर से बाहर लाया जाता है, जो भक्तों के लिए आस्था और आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
जागड़ा पर्व जौनसार बावर के चार प्रमुख पर्वों में से एक है। इस दौरान जौनसार बावर, उत्तरकाशी, जौनपुर, टिहरी और हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से श्रद्धालु भारी संख्या में पहुंच रहे हैं। रात के समय जौनसारी संस्कृति से जुड़े पारंपरिक नृत्य का आयोजन होता है, जिसमें स्थानीय लोग एक आंगन में जुटकर सामूहिक रूप से नृत्य करते नजर आते हैं।
ये तस्वीरें दौहा गांव की हैं, जहां हजारों श्रद्धालु जुटे हैं। दौहा में इस समय चालदा महाराज विराजमान हैं, जो महासू महाराज के सबसे छोटे भाई हैं। चालदा महाराज चलायमान हैं और जून 2026 में दौहा से खत कोरू के कचटा गांव में प्रवास करेंगे।

