हरिद्वार की पवित्र भूमि एक बार फिर सनातन धर्म के वैश्विक प्रभाव की साक्षी बनी, जब जापान से एक श्रद्धालुओ का प्रतिनिधिमंडल धर्मनगरी हरिद्वार पहुंचा। यह डेलिगेशन सनातन संस्कृति और इसकी गहराई से इतना प्रभावित है कि इन्होंने जापान में अपने घरों को मंदिरों का रूप दे दिया है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पूज्य रवींद्र पुरी महाराज से मुलाकात कर इन जापानीओ श्रद्धालुओं ने शिवरात्रि के पावन अवसर पर गंगा जल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
“सनातन धर्म केवल भारत का नहीं, पूरे विश्व का है। जो भी आत्मा परम सत्य की तलाश में है, उसके लिए यह धर्म सदैव खुले द्वार जैसा है। यह धर्म जोड़ता है, तोड़ता नहीं।”जापान से आए इन श्रद्धालुओं की आस्था यह दर्शाती है कि सनातन धर्म की शक्ति सीमाओं में बंधी नहीं है। हरिद्वार की इस यात्रा ने यह प्रमाणित किया है कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना आज भी जीवित है और सनातन धर्म इसकी सबसे सुंदर अभिव्यक्ति है।

