हरिद्वार के बहादराबाद क्षेत्र में एक निजी अस्पताल की लापरवाही ने दो परिवारों की खुशियों को मातम में बदल दिया। मां गंगा मेटरनिटी एंड आई केयर अस्पताल में डिलीवरी के दौरान दो गर्भवती महिलाओं की मौत हो गई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने समय रहते न तो किसी वरिष्ठ विशेषज्ञ को बुलाया और न ही जरूरी चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई। पीड़ितों के मुताबिक, जब तक डॉक्टर पहुंचे, तब तक दोनों महिलाओं की हालत गंभीर हो चुकी थी, लेकिन कोई ठोस इलाज नहीं किया गया।
घटना के बाद भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। उन्होंने तोड़फोड़ की कोशिश भी की, लेकिन मौके पर पहुँची पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए हालात को संभाला। मौके पर कई थानों की फोर्स बुलाई गई और भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद स्थिति पर काबू पाया गया।
अब सबसे बड़ा सवाल उठ रहा है –
क्या ऐसे निजी अस्पताल बिना पर्याप्त संसाधनों और विशेषज्ञ डॉक्टरों के ही गर्भवती महिलाओं का इलाज कर रहे हैं?
और प्रशासन आखिर कब जागेगा?
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की मांग उठ रही है, वहीं जिला प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

