देहरादून जिले में पिछले चार महीने में 81 जच्चा-बच्चा की मौत का चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। समीक्षा बैठक में खुलासा हुआ कि अप्रैल से जुलाई तक 18 गर्भवती महिलाएं और 63 नवजात शिशुओं की जान चली गई। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और समीक्षा के साथ ही सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। देहरादून मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में मातृ एवं शिशु मृत्यु की त्रैमासिक बैठक आयोजित हुई। बैठक में सामने आया कि पिछले चार महीनों में 18 गर्भवती महिलाएं और 63 नवजात शिशुओं की मौत दर्ज की गई है। मुख्य विकास अधिकारी ने सरकारी व निजी अस्पतालों, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारियों, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं से विस्तृत रिपोर्ट मांगी और मृतकों के परिवारों से बातचीत कर कारणों का विश्लेषण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की गर्भावस्था से लेकर प्रसव और उसके बाद की निगरानी तक किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो, वरना कड़ी कार्रवाई की जाएगी। तो वही CMO मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि जिले में मातृ मृत्यु दर 42 है, जबकि पूरे राज्य की 103 और देश की 97 है। पिछले तीन महीने में 18 मातृ मृत्यु मामलों में से केवल 6 ही देहरादून की महिलाएं थीं, जबकि 12 अन्य जिलों से यहां इलाज के लिए आई थीं। वहीं अप्रैल से जुलाई तक 63 बच्चों की मौत दर्ज की गई, जिनमें अधिकतर का कारण समय से पूर्व जन्म और कम वजन बताया गया। फिलहाल देहरादून की शिशु मृत्यु दर 10.4 है, जो कि उत्तराखंड की 17 और राष्ट्रीय स्तर की 20 से कम है

