देहरादून जिले की विकास नगर तहसील के ग्राम पंचायत कुलहाल में सरकारी राशन दुकान पर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि राशन डीलर खराब गुणवत्ता वाला चावल, जिसमें जाले और कीड़े हैं, बांट रहा है। साथ ही, मुफ्त राशन के लिए नमक और दाल खरीदने का दबाव डाला जा रहा है, जिससे गरीब परिवार परेशान हैं।
स्वदेश न्यूज के पत्रकार को ग्रामीणों ने कीड़े-जाले युक्त चावल के नमूने दिखाए। ग्रामीणों ने बताया कि दुकान पर कोई नियमावली या साइन बोर्ड भी नहीं है, जो खाद्य विभाग के नियमों का उल्लंघन है। एक ग्रामीण ने कहा, “डीलर कहता है, नमक-दाल नहीं खरीदा तो राशन नहीं मिलेगा। हमारे पास अतिरिक्त पैसे कहां से आएं?”
ग्रामीणों ने खाद्य निरीक्षक को शिकायती पत्र लिखकर अपनी शिकायत दर्ज करने की बात कही है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत पात्र परिवारों को 5 किलो गेहूं और 3 किलो चावल मुफ्त मिलना चाहिए, बिना किसी शर्त के। खराब राशन बांटना और शर्त लगाना पीडीएस (कंट्रोल) ऑर्डर, 2015 का उल्लंघन है, जिसके तहत डीलर का लाइसेंस रद्द हो सकता है।
डीलर ने जिला आपूर्ति अधिकारी से फोन पर बात कराई, जिन्होंने खराब चावल बदलने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने दोषी डीलर के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग की है। देहरादून जिला प्रशासन से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

