फर्जी डिग्री से नियुक्ति पाए उत्तरकाशी के 7 शिक्षकों को फिलहाल हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिल सकी है..हाईकोर्ट ने सभी याचिकाकर्ता शिक्षकों को कहा है कि उन पर जो आरोप है उसका जवाब उचित फोरम में दें कोर्ट ने सभी याचिकाओं को निरस्त कर दिया है। दरअसल सरकार ने गलत तरिके से नियुक्ति पाए शिक्षकों की जांच की तो इन सभी शिक्षकों की ड्रिग्री को नौकरी के लिये अमान्य माना और कहा कि इन्हौने राष्ट्रीय पत्रचार संस्थान कानपुर से बीएड़ की ड्रिग्री ली है जो अमान्य हैं..हांलाकि इस आदेश को इन सभी ने पहले एकलपीठ में चुनौती दी तो कोर्ट ने याचिकाओं को खारिज कर दिया..जिसके बाद स्पेशल अपील सभी की ओर से दाखिल की गई और कहा गया कि उन्हौने इतनी लम्बी सेवा कि है और जब जांच और सत्यापन किया गया तो उनकी सभी ड्रिग्री सही थी लेकिन अब उनको आरोप पत्र दिया जा रहा है जो गलत है।

