उत्तराखण्ड विज्ञान एंव प्रौद्योगिकी परिषद एंव विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग उत्तराखण्ड सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 में चतुर्थ सीमांन्त पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का राज्य स्तरीय आयोजन का शुभारंभ आज 15 अक्टूबर को सीमान्त जनपद रुद्रप्रयाग के पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, जाखधार, गुप्तकाशी में हुआ।महोत्सव में कुल छह जनपदों के 238 बाल वैज्ञानिक प्रतिभाग कर रहे हैं, जिनमें 90 छात्र और 148 छात्राएँ शामिल हैं। बता दें कि कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्वलित कर किया। तत्पश्चात उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित बाल वैज्ञानिकों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित किया तथा बच्चों की शंकाओं का समाधान भी किया,कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से आए हुए बाल वैज्ञानिकों ने मुख्यमंत्री से जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक जल संसाधन एवं संरक्षण, आपदा प्रबंधन,विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी,ऊर्जा संरक्षण आदि विषयों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस भव्य आयोजन से सीमांत जनपदों के बाल वैज्ञानिकों को एक नई दिशा और अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने इस अवसर पर युकोस्ट की रुद्रप्रयाग डैशबोर्ड पुस्तक का विमोचन भी किया। यह जीआईएस आधारित रिमोट सिस्टम डैशबोर्ड है, जिसमें विभिन्न विभागों की योजनाओं से जुड़ी सूचनाएँ एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने बाल वैज्ञानिकों से संवाद करते हुए कहा कि सीमांत जनपदों में अब ऐसे नवाचार केंद्र स्थापित किए जाएंगे,जहाँ आपदा प्रबंधन,स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी उपयोगी जानकारी और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि विज्ञान की नई तकनीकों के बल पर आज भारत अंतरिक्ष सहित कई क्षेत्रों में अपना परचम लहरा रहा है। देहरादून देश की पाँचवीं साइंस सिटी बनने जा रही है, जो उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इस अवसर पर विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि उनकी उपस्थिति से बाल वैज्ञानिकों को नई ऊर्जा और प्रेरणा मिली है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जवाहर नवोदय विद्यालय में विभिन्न कार्यो के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने जनपद में आपदा प्रबंधन केंद्र के निर्माण हेतु जिलाधिकारी को कार्ययोजना बनाने हेतु आदेशित किया, साथ ही सीमांत क्षेत्रों में सीमांत क्षेत्र विकास परिषद के गठन की भी घोषणा की।

