कोटद्वार में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के खिलाफ जनता का विरोध लगातार जारी है। निवासियों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उनके बिजली के बिल कई गुना बढ़ गए हैं, जिससे उन पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। स्थानीय लोगों औऱ एडवोकेट महेश नेगी ने इस विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। उनका कहना है कि पुराने मीटर सही से काम कर रहे थे, लेकिन उन्हें जबरदस्ती हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बिजली विभाग के कर्मचारी स्मार्ट मीटर लगाने के लिए दबाव बना रहे हैं और धमकी दे रहे हैं कि अगर मीटर नहीं लगवाए गए तो भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इस मुद्दे को लेकर कोटद्वार के लोगों ने कई बार प्रदर्शन किया है, जिसमें विद्युत कार्यालय पर धरना देना भी शामिल है। खबरों के अनुसार, लोगों ने 25 अक्टूबर को ऊर्जा निगम और सरकार का पुतला फूंका क्योंकि उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। कोटद्वार के अलावा, उत्तराखंड के अन्य हिस्सों जैसे देहरादून और हरिद्वार में भी स्मार्ट मीटरों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए हैं, लोगों की मांग है कि पुराने मीटरों को वापस लगाया जाए और जब तक स्मार्ट मीटर नहीं हटाए जाते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

